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: धान का उठाव नही कर विष्णुदेव साय सरकार किसान मजदूर का पैसा को बर्बाद करने पर तुली - भाव सिंह

Admin Thu, Oct 10, 2024

गरियाबंद। पिछले 8 माह में कुंडेलभांटा संग्रहण केन्द्र से धान का उठाव नही होने को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष भाव सिंह साहु ने विष्णुदेव साय सरकार को घेरते किसान मजदूर के पैसा को बर्बाद करने के समान बताया क्योंकि जो सूखती से करोड़ो रुपए सरकार को नुकसान होगा उसका भुगतान सिर्फ़ और सिर्फ आम लोगो को करना पड़ेगा फिर भी सरकार गहरी नींद में है भावसिंह साहु ने बताया की 5 लाख किवंटल से अधिक धान खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है जिसकी चिंता ना सरकार को है और ना विभागीय अधिकारी को नही है जबकि खुले आसमान के नीचे धान होने पर दिनो दिन सूखती का प्रतिशत काफी बढ़ता जा रहा है और यह सूखती को देख कर्मचारियों अनुसार 2 से ढाई प्रतिशत सूखती का अनुमान है और इस अनुमान के हिसाब से सरकार को वर्तमान में 3 करोड़ 87 लाख 50 हजार का नुकसान उठाना होगा जबकि जानकार दोगुना राशि की हानि पहुंचाने की बात कह रहे है बावजूद इसके विष्णुदेव सरकार गंभीर नहीं है तभी आज के स्तिथि में भी धान का उठाव के लिए सरकार की ओर से कोई पहल नही हुआ है मतलब साय सरकार अपना लाभ देखने के लिए लोगो की कमाई का पैसा को बर्बाद करने पर उतारू हो गई है जबकि उतनी राशि से कालेज स्कूल पुल पुलिया सहित आम जनों के हितकारी काम आसानी से किया जा सकता है भावसिंह साहु ने यह भी कहा कि कुंडेलभांटा संग्रहण केन्द्र पर 20 फरवरी से धान का आवक बंद हो गया और तब से कभी मार्च तक उठाव होने का आश्वासन देते रहें तो भी मई का भरोसा दिलाते रहे मगर आवश्वन अनुसार एक कट्टा धान का उठाव नही हुआ है नतीजा 40 किलो धान बोरी वर्तमान में 38 किलो बताते हैं मतलब प्रति बोरी के पीछे सरकार को 2 किलो की नुकसान झेलनी होगी और यह जानते भी सरकार आंख मूंदे बैठी है तभी खुले आसमान के नीचे धान का ढेर लगा हुआ है ऐसे में आने वाले दिनों और भी अधिक सूखती आने की पूरी संभावना बन रही है सबसे खास बात तो यह की भूपेश बघेल सरकार के दौरान जब धान की आवक खत्म हो जाती हैं तब कुंडेलभांटा संग्रहण केन्द्र से धान का उठाव चालू हो जाता था लेकिन अब भाजपा सरकार वह मुस्तैदी नही दिखा रहीं क्योंकि भाजपाई को जनता से अधिक अपनी अपनी चिंता होती है शायद यही वजह है कि अभी तक धान का उठाव किस कारण नही हो रहा है बल्कि कभी एसबीआई द्वारा चावल जमा की बहनाबाजी करते हैं तो और दूसरा कारण बताकर टालमटोल करते नजर आ रहे हैं रख रखाव में भी हजारों खर्च भावसिंह ने यह भी कहा की लाखो किवंटल धान की रख रखाव के लिए भी हजारों रुपए खर्च किए जा रहा वह भी सरकार की लाफरवाही के कारण हो रहा है इसके अलावा आने वाले समय पर धान सढ़ने के साथ चूहा खाने जैसे कई कारण बताकर धान मे कमी बताया जाएगा इससे अंदाजा लगाया जा सकता है की विष्णुदेव सरकार आम लोगो की गाढ़ी कमाई का पैसा को किस तरह बर्बाद कर रही है भाव सिंह साहु ने चेतावनी देते हुए कहा की धान उठाव नही होने और किसानो को परेशानी की स्तिथि होने पर सड़क की लड़ाई लड़ा जाएगा हर सप्ताह लेटरबाजी कुंडेलभांटा प्रमूख दीपक कन्नौजे द्वारा लगातार धान उठाव के लिए पत्राचार किया जा रहा है बताते हैं कि हर सप्ताह विभाग को पत्र लिखकर धान का उठाव के लिए गुहार लगाया जाता है मगर कार्यालय से वहीं रटे रूटा जवाब ही प्राप्त होता है इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभागीय अफसर धान उठाव को लेकर कितने गंभीर है जिसे देख वर्तमान में धान उठाव करने की उम्मीद भी धीरे धीरे खत्म हो रही है ऐसे आगमी माह से धान खरीदी की संभावना है और खरीदी केंद्रों से अगर धान कुंडेलभांटा संग्रहण केन्द्र पहुंचा तो काफी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा जिससे लगभग सभी अधिकारी भली भांति अवगत हैं फिर भी उठाव को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है शायद यही वजह है कि कुंडेलभांटा प्रबंधन की धड़कने बढ़ी हुई है तभी पत्राचार के माध्यम से उठाव के लिए लागातार गुहार लगाया जा रहा है फिर भी जिम्मेदार अधिकारियों के कानों में जूं नही रेंग रहा है

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