वरिष्ठ पत्रकार शंकर पांडे की कलम से..*(कॉलम 21 सालों से लगातार) : मैंने दीवार पर क्या लिख दिया खुद को एक दिन..... बारिशें होने लगी मुझको मिटाने के लिये.....
Praveen Nishee Fri, Sep 4, 2026
देश की दूसरी महिला वित्त मंत्री निर्मला सीता रमण(पहली वित्त मंत्री इंदिरा गाँधी, पीएम के साथ) ने पिछली बार प्याज़ की क़ीमत बढ़ने पर कहा था 'मैं तो प्याज़ खाती ही नहीं' हाल में शक़्कर की क़ीमत बढ़ने पर एक टीवीं की एंकर रुबिका लियाकत ने हद कर दी, उनका कहना है -यदि देश के 130 करोड़ लोग रोज एक चम्मच चीनी(शक्कर) कम खाएं तो हर रोज करीब 58 लाख किलो चीनी बचती है... ?ज़ब सोना महँगा हुआ तो कहा गया कि सोना मत खरीदो, जरूरत क्या है? पेट्रोल महँगा हुआ तो कहा गया यात्रा कम करो,घूमने की जरूरत क्या है।चीनी के दाम बढ़े तो कहा जा रहा है मीठा कम खाओ,वैसे भी चीनी सेहत के लिए अच्छी नहीं है। भविष्य में शायद हमें यह भी सुनने को मिल सकता है साँस थोड़ी कम लिया करो! जीने की जरूरत क्या है ...? एक व्यक्ति आराम की अवस्था में प्रति घंटे लगभग 15 लीटर शुद्ध ऑक्सीजन इस्तेमाल करता है। यदि 145 करोड़ लोग दिन मेँ एक घंटे सांस रोक लें, 2,175 करोड़ लीटर ऑक्सीजन की बचत एक दिन में हो सकती है।मतलब 21.75 अरब लीटर होता है दूसरी ओर आमतौर पर एक स्वस्थ पेड़ प्रतिदिन 230 लीटर ऑक्सीजन देता है,माना जाता है।इस हिसाब से 21.75 अरब लीटर ऑक्सीजन बचाने से 9.46 करोड़ पेड़ कटने से खत्म ऑक्सीजन की क्षतिपूर्ति होती है, इस दौर में जैसे पेड़ काटे जा रहे हैं। आगे भी कटते रहने को कोई रोक नहीं सकता। ऐसे मे 145 करोड़ लोग एक-एक घंटे सांस रोक लें, बचत लगभग 9.5 करोड़ पेड़ काटने के बराबरऑक्सी जन की कमी को पूरा कर देगी।
'करकाभाट' महापाषाण
भारत का 'स्टोनहेंज'
बालोद जिले में दफ़न करीब 5 हजार साल पुराना प्रागैतिहासिक इतिहास अब वैश्विक सुर्खियां बटोर रहा है। मुख्यालय से 16 किमी दूर बालोद -धमतरी मार्ग पर 'करकाभाट महापाषाणिक कब्र समूह' को देख हाल ही में छत्तीसगढ़ पहुंची दक्षिण कोरियाई वैज्ञानिकों की टीम भी हैरान रह गई। इंग्लैंड के प्रसिद्ध स्टोन जैसी अनूठी संरचना के कारण विशेषज्ञ अब इसे भारत का स्टोनहेंज कह रहे हैं।पुरातत्वविदों की मानें तो समूचे एशिया का सबसे बड़ा महा पाषाणिक कब्र समूह है,जो कि प्राचीन आदिम समाज की बेजोड़ इंजीनियरिंग, खगोलीय ज्ञान का जीता-जागता प्रमाण है।10 किमी दायरे में फैले ऐतिहासिक स्थल पर 5 हजार से अधिक प्रागैतिहासिक कब्रें मौजूद हैं।देश में इस तरह के स्थल केवल मणिपुर,नागालैंड,पड़ोसी देश अफगानिस्तान में मिले हैं,विशालता के मामले में करकाभाट सबसे आगे है। यहां एकल,सामूहिक,संयुक्त रूप से 7 श्रेणियों की कब्रें पाई गई हैं। कई टन वजनी पत्थरों को पिरामिड की तरह एक के ऊपर एक बेहद कुशलता से सजाया गया है।सबसे विस्मयकारी यह है, हर पत्थर को सिर्फ एक तरफ से तराशा गया है,तराशा हुआ हिस्सा हमेशा उत्तर दिशा की ओर रहता है। इसके अलावा, पूर्व-पश्चिम दिशा में झुके पाषाण स्तंभ इशारा करते हैंकि आदिमकाल के लोग सूर्य की गति से समय और मृत्यु के कालक्रम की गणना करते थे।1990-91 में दिल्ली- रायपुर पुरातत्व विभाग द्वारा की गई संयुक्त खुदाई में लोहे के प्राचीन हथियार और काले-लाल मृदभांड (मिट्टी के बर्तन) मिले थे। इसके बाद पुरातत्व वेत्ता प्रोफेसर अरुण कुमार शर्मा के शोध, पास के कुलिया- कनेरी गांव में खुदाई से 30 बहुमूल्य सोने के सिक्के प्राप्त हुए। इनमें से 25 सिक्के नल राजवंश के राजा भवदत्त, महेंद्रदित्य के काल के हैं,जिन्हें वर्तमान में रायपुर संग्रहालय में सुरक्षित रखा गया है।पुरातत्व विभाग के संरक्षण,फेंसिंग के दावों के बावजूद अनमोल धरोहर उपेक्षा की शिकार है।
तेलंगाना पर छ्ग का 2 हजार करोड़ का बिजली बिल बकाया...
छत्तीसगढ़ से तेलंगाना को बिजली आपूर्ति के करीब 2 हजार करोड़ ₹ के भुगतान का विवाद नियामक आयोग पहुंच गया है। 6 साल से अटके इस भुगतान को ले छग की बिजली कंपनी ने राज्य विद्युत नियामक आयोग में याचिका दायर की है।आयोग ने तेलंगाना सरकार को 10 सितंबर को सुनवाई में उपस्थित होकर पक्ष रखने का निर्देश दिया है।भुगतान विवाद सुलझाने दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से बात चीत होती रही है,लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। बिजली कंपनी की ओर से कई बार अनुरोध किए जाने के बावजूद तेलंगाना सरकार से अपेक्षित जवाब नहीं मिला।इसके बाद छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के माध्यम से मामले को आगे बढ़ाने निर्णय लिया गया। डॉ. रमनसिंह सर कार के कार्यकाल में छग-तेलंगाना के बीच बिजली खरीद-बिक्री का समझौता हुआ था,इसके तहत छग की बिजली कंपनी ने अलग अलग अवधि में तेलंगाना को एक हजार मेगावाट तक बिजली की आपूर्ति की थी।यह कोरबा मड़वा ताप विद्युत संयंत्र से भेजी जातीथी,शुरुआती दौर में भुगतान नियमित रहा, बाद में तेलंगाना बिजली बोर्ड ने बिलों का भुगतान रोक दिया।
और अब बस...
0 कांकेर से भाजपा सांसद भोजराज नाग ने दावा किया कि उन्होंने नींबू काटकर बारिश रोक दी! सांसद के अजीब दावा सुन सीएम साय भी ठहाके लगा हंस पड़े....
0भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव के सड़क हादसे के बाद नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को भाजपा निराधार बताते हुए कहा ऐसा प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
0 पूर्व सीएम भूपेश के ओएसडी के घरों में ईडी के छापों की जमकर चर्चा है।
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