कर्मचारियों ने अपने खून से पत्र लिखा : तूने वो रंगीले क्या जादू किया, छत्तीसगढ़ सरकार ने हमें धोखा दिया।” गाना गाकर कर्मचारी अपनी पीड़ा जता रहे थे
Praveen Nishee Mon, Aug 25, 2025
मनेंद्रगढ़। एमसीबी। एमसीबी जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ में आज कुछ अलग ही नज़ारा था। सुबह से ही एनएचएम कर्मचारी धरना स्थल पर जुटे। किसी के हाथ में तख्ती थी, तो किसी के हाथ में नारे लिखे बैनर। माहौल ऐसा कि मानो पूरा स्वास्थ्य विभाग सड़क पर उतर आया हो।
कर्मचारी सरकार से बार-बार कह रहे थे – “हमारी दस सूत्रीय मांगें पूरी करो।” लेकिन इस बार उनका विरोध भी खास था। कुछ कर्मचारियों ने अपने खून से पत्र लिखा और घोषणा की कि अब यही पत्र सरकार को भेजा जाएगा। धरना स्थल पर गीत भी गूंज रहे थे। गुस्से और तंज से भरे गीत —
“तूने वो रंगीले क्या जादू किया,
छत्तीसगढ़ सरकार ने हमें धोखा दिया।”
गाना गाकर कर्मचारी अपनी पीड़ा जता रहे थे।
इधर महिला कर्मचारी भी पीछे नहीं रहीं। त्योहार का मौसम है और तीज की तैयारी भी चल रही है। आंदोलन की तपिश और तीज की खुशबू दोनों एक साथ धरना स्थल पर घुल गईं। महिलाएं हाथों में मेहंदी लगाते हुए कह रही थीं — “त्योहार भी मनाएंगे और अपनी लड़ाई भी लड़ेंगे।”
धीरे-धीरे यह आंदोलन जनता का ध्यान खींचने लगा। अस्पतालों में सेवाएं प्रभावित हो रहीं थीं और लोग इलाज के लिए परेशान हो रहे थे। लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि यह मजबूरी की लड़ाई है। जब तक उनकी आवाज़ सरकार तक नहीं पहुंचेगी और मांगे पूरी नहीं होंगी, तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म नहीं होगी।
धरना स्थल पर खून से लिखा पत्र, नारों की गूंज, विरोध के गीत और मेहंदी रचती महिलाएं… सब मिलकर एक ऐसी तस्वीर पेश कर रहे थे जो छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था और कर्मचारियों की जद्दोजहद की पूरी कहानी बयां कर रही थी।
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