नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित : युवा अनजाने में नशे की जाल में फंस रहे हैं, उनको बचाना हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है- डॉ.तेजकांत सोनकर
Praveen Nishee Thu, Oct 29, 2026
मनेंद्रगढ़। एमसीबी। नशीले पदार्थों पर नियंत्रण हेतु चलाए जा रहे पखवाड़ा व्यापी विशेष अभियान के अंतर्गत आज शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मनेन्द्रगढ़ में नशा मुक्ति अभियान पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. श्राबनी चक्रवर्ती के मार्गदर्शन और संरक्षण में किया गया l कार्यशाला का शुभारंभ विवेकानंद जी की मूर्ति पर माल्यार्पण एवं मां सरस्वती और छत्तीसगढ़ महतारी के तैल चित्र पर दीप प्रज्वलवन के साथ किया गया l वंदे मातरम गीत, एवं राज्य गीत की प्रस्तुति हुई! कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं स्वागत उद्बबोधन महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो.श्राबनी चक्रवर्ती के द्वारा किया गया l कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ.तेजकांत सोनकर, होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी, शासकीय होम्योपैथी औषधालय, मनेन्द्रगढ़ उपस्थित रहे इन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा न केवल शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को नष्ट करता है बल्कि परिवार और समाज को भी बर्बादी की ओर ले जाता है l आज युवा अनजाने में नशे की जाल में फंस रहे हैं, उनको बचाना हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है l इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉक्टर सोनकर द्वारा प्रभावी चलचित्रों एवं पावर पॉइंट के माध्यम से नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव, कानूनी प्रावधान एवं नशा छुड़ाने के उपाय तथा टोल फ्री नंबर की जानकारी दी गई l कार्यशाला में विशिष्ट वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. मेघा रानी गुप्ता, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, आयुरविद्या कार्यक्रम, आयुष विभाग, मनेन्द्रगढ़ द्वारा नशे की प्रवृत्ति पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा गया कि आज के समय में युवाओं में नशे का मुख्य कारण शौक ही नहीं बल्कि अवसाद, मित्र मंडली, दूषित सामाजिक वातावरण एवं आपसी लड़ाई झगड़े हैं l युवा तनाव, अकेलेपन एवं पारिवारिक कलह से बचने के लिए नशा का सहारा लेते हैं जो धीरे-धीरे नशे की लत का रूप ले लेता है, उन्होंने बताया कि नशा सबसे पहले व्यक्ति के शरीर को खोखला करता है l निरंतर नशे के सेवन से लीवर सिरोसिस, किडनी फेलयोर, फेफड़े का कैंसर एवं हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियां होती हैं l नशा केवल शारीरिक ही नहीं, व्यक्ति को मानसिक और सामाजिक रूप से विक्षिप्त कर देता है l डॉ गुप्ता ने अपने वक्तव्य में बताया कि नशे की लत से बचा जा सकता है, यदि हम अपनी दिनचर्या में योग, ज्ञान एवं सात्विक आहार को अपनाएं l कार्यशाला में विद्यार्थियों को नशा न करने एवं दूसरों को भी नशे से दूर रहने हेतु कार्यक्रम नोडल डॉ सरोज बाला श्याग बिश्नोई द्वारा शपथ दिलाई गईl कार्यक्रम का संयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना ( पुरुष इकाई) कार्यक्रम अधिकारी रंजीत मणि सतनामी तथा डॉ. नसीमा बेगम अंसारी द्वारा किया गयाl कार्यक्रम में कुशल मंच संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना( महिला इकाई) कार्यक्रम अधिकारी के द्वारा किया गया तथा अतिथियों एवं आयोजक समिति के प्रति आभार एवं धन्यवाद ज्ञापन नशा उन्मूलन नोडल अधिकारी डॉ सरोज बाला शयाग बिश्नोई के द्वारा किया गया lकार्यशाला में विशेष तकनीकी सहयोग महाविद्यालय के कंप्यूटर साइंस विभाग के अतिथि व्याख्याता थनेन्द्र कश्यप एवं अभिषेक सिंह का रहा l कार्यक्रम में महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ रश्मि तिवारी, डॉ प्रभा राज, डॉ अरूणिमा दत्ता, भीमसेन भगत स्मृति अग्रवाल,सुनील गुप्ता, कमलेश पटेल,सुशील छात्रे, ग्रंथपाल शरणजीत कुजूर, डॉ राम जी गर्ग, डॉ रेनू प्रजापति, पुष्पराज सिंह, शुभम गोयल, शिवकुमार, प्रकाश दास मानिकपुरी, सुमित तिवारी, अल्पना रानी खलको, डॉ रिंकी तिवारी, डॉ आमिर खान एवं डॉ दीनदयाल जायसवाल, डॉ शेख आतिफ एवं डॉ. पूनम वर्मा अतिथि व्याख्याता तथा कार्यालय प्रमुख मनीष श्रीवास्तव, सुमित जॉनसन बाड़ा, मीना त्रिपाठी, बी. एल. शुक्ला, भोला प्रसाद रजक, पारुल पटेल, अवंतिका, हेमंत सिंह, साधना बुनकर की उपस्थिति रही तथा कार्यशाला में व्यवस्था निर्माण में लड्डू गोपाल, प्रदीप मलिक, सतीश सोनी, पारस तिग्गा एवं ममता देवी का विशेष सहयोग रहा l

विज्ञापन