Advertisment

10th August 2026

BREAKING NEWS

PIB के वार्तालाप कार्यक्रम में कलेक्टर, मीडिया और युवाओं ने साझा किया नशामुक्त भारत का संकल्प;

स्काउटिंग की जिला भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला संघ एम सी बी के जिला कार्यकारिणी बैठक संपन्न,

बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ, संस्कारित एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में सहभागी बने

शासकीय हाई स्कूल पिपरिया में डॉ. विनोद कुमार पांडेय की पहल से वर्षों से तैयार हो रहे सीड बॉल,

SECL के 35,800 कर्मचारियों के गैस सिलेंडर भुगतान में हर माह ₹31.88 लाख की कमी!

परीक्षा को उत्सव बनाएं” — देहारगुड़ा में ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम : पूर्व विधायक डमरूधर पुजारी ने तनावमुक्त अध्ययन और आत्मविश्वास से सफलता का दिया संदेश

Praveen Nishee Fri, Feb 6, 2026

गरियाबंद । मैनपुर। (रोशनलाल अवस्थी की कलम से) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को समर्पित पहल ‘परीक्षा पर चर्चा’ के अंतर्गत आज माध्यमिक शाला देहारगुड़ा, विकासखंड मैनपुर में एक भव्य, प्रेरणादायी एवं संवादात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूर्व विधायक डमरूधर पुजारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, ऊर्जा और सकारात्मकता से परिपूर्ण रहा।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में परीक्षा को लेकर व्याप्त भय, तनाव एवं मानसिक दबाव को दूर कर उन्हें आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने खुलकर अपनी जिज्ञासाएं, आशंकाएं और अनुभव साझा किए, जिन पर सार्थक संवाद हुआ।

पूर्व विधायक श्री पुजारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा जीवन का अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत का माध्यम है। उन्होंने कहा कि परीक्षा केवल अंक प्राप्त करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि स्वयं के ज्ञान, अनुशासन और क्षमता का मूल्यांकन करने का अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे परीक्षा को बोझ या भय के रूप में नहीं, बल्कि सीखने और आगे बढ़ने के उत्सव के रूप में स्वीकार करें।

उन्होंने समय प्रबंधन को सफलता की कुंजी बताते हुए कहा कि नियमित अध्ययन, आत्मअनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बनाए रखने, असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेने की प्रेरणा दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘परीक्षा पर चर्चा’ पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को मानसिक रूप से सशक्त बनाने, अभिभावकों और शिक्षकों को सहयोगी भूमिका निभाने तथा शिक्षा को आनंदमय बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यह पहल विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, आत्मबल और सकारात्मक सोच के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण, प्रधान पाठक, विद्यालय परिवार के सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। शिक्षकों ने भी इस पहल को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होते हैं।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस संवाद से उन्हें परीक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण, आत्मविश्वास और नई प्रेरणा मिली है। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि सही मार्गदर्शन, सकारात्मक वातावरण और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा को उत्सव के रूप में बदला जा सकता है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें