गायत्री मंदिर से कलेक्टर परिसर तक निकलेगी शांतिपूर्ण भजन-कीर्तन यात्रा : जुलाई को ‘गौ सम्मान दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा गौ सम्मान आवाहन अभियान
Praveen Nishee Sat, Jul 25, 2026
गरियाबंद। गौ माता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान को राष्ट्रीय स्तर पर सुनिश्चित करने की मांग को लेकर 27 जुलाई को ‘गौ सम्मान दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर गरियाबंद जिला मुख्यालय में दोपहर 12:00 बजे गायत्री मंदिर से शांतिपूर्ण भजन-कीर्तन यात्रा प्रारंभ होगी, जो कलेक्टर परिसर पहुंचकर समाप्त होगी। यहां जिला कलेक्टर के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
यह कार्यक्रम केवल गरियाबंद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश के 36 प्रांतों के 780 जिला मुख्यालयों में भी एक साथ जिला कलेक्टरों के माध्यम से ज्ञापन सौंपे जाएंगे। अभियान का संचालन देशभर के साधु-संतों एवं गौभक्तों द्वारा किया जा रहा है। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान का किसी भी राजनीतिक दल या संगठन से कोई संबंध नहीं है।
अभियान का दूसरा चरण
गौ सम्मान आवाहन अभियान का यह दूसरा चरण है। इससे पूर्व 27 अप्रैल को देशभर की 5,000 से अधिक तहसीलों में तहसीलदारों के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम आवेदन सौंपे गए थे। अब जिला स्तर पर व्यापक जनसमर्थन के साथ अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।
क्या हैं अभियान की प्रमुख मांगें?
गौ सम्मान आवाहन अभियान के जिला प्रचारक आशुतोष सिंह ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ का सम्मान दिलाना है। इसके लिए प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—
* पूरे भारत में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए और गौहत्या पूरी तरह समाप्त की जाए।
* गौ माता को ‘राष्ट्र माता’, ‘राष्ट्र देव’, ‘राष्ट्र आराध्या’, ‘राष्ट्र धरोहर’ अथवा ‘राष्ट्र आधार’ का सम्मानजनक दर्जा प्रदान किया जाए।
* गौ सेवा के लिए केंद्रीय कानून बनाया जाए तथा केंद्रीय गौ सेवा मंत्रालय की स्थापना की जाए, जिससे पूरे देश में समान रूप से गौ सेवा एवं संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
गौ माता भारतीय संस्कृति का आधार : मोहन यादव
जिला प्रचारक मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गौ माता का विशेष स्थान है। उनके अनुसार—
* गौ माता में 33 कोटि देवी-देवताओं की सात्विक शक्ति का वास माना गया है।
* गौ दूध, दही और घी न केवल सात्विक एवं पौष्टिक आहार हैं, बल्कि आयुर्वेद में इन्हें औषधीय गुणों से भी युक्त माना गया है।
* गोमय और गोमूत्र प्राकृतिक कृषि तथा जैविक खेती के महत्वपूर्ण आधार हैं।
* भारतीय संस्कृति, परंपरा, संस्कार और जीवनशैली में गौ माता का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
* राष्ट्र की समृद्धि, शांति, सुरक्षा और सांस्कृतिक गौरव के लिए गौ सेवा, सुरक्षा और सम्मान आवश्यक है।
सातों तहसीलों से पहुंचेंगे सैकड़ों गौभक्त
अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए गरियाबंद जिले की सातों तहसीलों में प्रचारकों की नियुक्ति की गई है। प्रचारक गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं तथा अभियान के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी चला रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों की मांग शासन और सरकार तक पहुंच सके।
27 जुलाई को जिले की सभी सातों तहसीलों से सैकड़ों गौभक्त गरियाबंद जिला मुख्यालय पहुंचकर शांतिपूर्ण भजन-कीर्तन यात्रा में शामिल होंगे और गौ माता के सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

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