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: कृषि विज्ञान केन्द्र में भगवान बलराम जयंती को किसान दिवस के रुप में मनाया गया, कार्यशाला का आयोजन कर कृषको दी गई कृषि संबंधी जानकारी

Admin Mon, Sep 9, 2024

कृषि विज्ञान केन्द्र में भगवान बलराम जयंती को किसान दिवस के रुप में मनाया गया, कार्यशाला का आयोजन कर कृषको दी गई कृषि संबंधी जानकारी
कोरिया 09 सितम्बर 2024/ कृषि विज्ञान केन्द्र, कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, एवं कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग कोरिया के संयुक्त तत्वाधान में आज 09 सितम्बर को भगवान बलराम जयंती को किसान दिवस के रूप में मनायी गई। इस कार्यक्रम में भगवान श्री बलराम जी की पूजा एवं पारंपरिक कृषि यंत्रों तथा गौ माता की पूजा अर्चना की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती वंदना राजवाडे, जिला पंचायत सदस्य उपस्थित रहीं उनके द्वारा किसानों को रासायनिक खादों का कम से कम उपयोग करने का सलाह दी गई। श्री डुलेश्वर भारतीय किसान संघ के सदस्य द्वारा कृषकों को जैविक खेती एवं प्राकृतिक खेती अपनाने की सलाह दी गई। डॉ. डी. के. गुप्ता अधिष्ठाता श्री रामचन्द्र सिंह देव कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, कोरिया जिला द्वारा कृषकों को सनई एवं ढेचा के पौधों को हरी खाद के रूप में उपयोग करने की सलाह दी गई। उनके द्वारा केंचुआ खाद, हरि खाद, गोबर और गोमूत्र के साथ सीमित मात्रा में रासायनिक खाद का उपयोग के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। डॉ. एन. के. मिश्रा सहायक प्राध्यापक श्री रामचन्द्र सिंह देव कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, कोरिया जिला के द्वारा कहा गया कि जब किसान का जमीन स्वस्थ रहेगा तो किसान के पौधे भी स्वस्थ रहेगें। उनके द्वारा विभिन्न जैविक रोग नियंत्रण के विषय में उद्बोधन दिया गया। इंजी. कमलेश कुमार सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख कृषि विज्ञान केन्द्र, कोरिया द्वारा कृषकों को कृषि अभियांत्रिकी के माध्यम से मृदा की संरचना में सुधार के संबंध में उपयोगी जानकारी दी गई। श्री विजय कुमार द्वारा टमाटर में लगने वाले उकठा रोग के पहचान एवं प्रबंधन के विषय में किसानों का बताया गया। डॉ. केशव चन्द्र राजहंस के द्वारा बताया गया कि भारत में खेती का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ है कृषि में उपयोग कुदाल, हल, फावड़ा, का उपयोग महाभारत काल में हो गया था उन्होनें आगे बताया कि भगवान बलराम जी की पहचान हलधर के रुप में होती है यही वजह है कि किसान दिवस के रुप में होती है। कार्यक्रम के अंत में कृषक परिचर्चा की गई जिसमें कृषकों के खेती-बाड़ी से संबंधित समस्याओं का निदान कृषि विषेषज्ञों द्वारा दिया गया। कार्यक्रम के दौरान कोरिया जिले के बिषेषर प्रसाद, तेजुलाल, अम्बिका प्रसाद, सुबारस राम एवं मनेन्द्रगढ़ जिला के मनमोहन सिंह को प्राकृतिक खेती व गौ आधारित खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य करने हेतु प्रषस्ति प्रमाण पत्र के साथ सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केन्द्र, कृषि महाविद्यालय के डॉ. डी. के. गुप्ता, डॉ. एन. के. मिश्रा, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख इंजी. कमलेश कुमार सिंह, डॉ. केशव चन्द्र राजहंस, श्री विजय कुमार, श्री फूलचन्द कंवर, श्री पंकज केसरवानी, कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार श्रीमती वंदना सिंह, श्री टी.एस. परस्ते तथा अधिकारी एवं समस्त कृषकगण उपस्थित रहे।

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