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: जिला कोरबा के न्यायालयों में लागू हो गई शीघ्र न्याय व्यवस्था जानिये कैसे

Admin Sat, Nov 16, 2024

कोरबा ।  न्यायालयों में 376 भा.द.स. एवं पास्को ऐक्ट जैसे बड़े मामलों का निपटारा भी शीघ्रता से हो रहा है, ग्राम - कौआताल, बिंझरा, कटघोरा, जिला - कोरबा ( छ.ग.) निवासी योगेंद्र सिन्द्रराम पिता- चन्द्रभान सिन्द्रराम के विरुद्ध थाना कटघोरा, जिला - कोरबा (छ.ग.) के द्वारा दिनाँक - 21/02/2024 को धारा 376 (2) (n) भा.द.वी. के तहत अपराध क्रमांक 100/24 दर्ज किया आरोपी के ऊपर यह आरोप लगाया गया था कि उसके द्वारा पीड़िता को विवाह करने का झांसा देकर लगातार लैंगिक संबंध स्थापित किया। दिनाँक 25/02/2024 को आरोपी को गिरफ्तार किया गया न्यायालय श्रीमान जितेंद्र कुमार सिंह द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश कटघोरा जिला - कोरबा (छ.ग.) के द्वारा दिनाँक - 05/03/2024 को आरोपी को जमानत की सुविधा का लाभ दे दिया गया। उक्त मामले में कटघोरा पुलिस के द्वारा अभियोग पत्र क्रमांक 174/2024 दिनाँक - 17/04/2024 को न्यायालय में प्रस्तुत किया। इस मामले में न्यायालय प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कटघोरा जिला - कोरबा (छ.ग.) पीठासीन अधिकारी - श्रीमती मधु तिवारी  के द्वारा मामले में शीघ्रता से सुनवाई करते हुए केवल 6 माह में दिनाँक - 26/10/2024 को आरोपी को बाईज्जत बरी कर दिया। इसी तरह ग्राम दादरखुर्द कोरबा निवासी अतुल पटेल पिता खिख राम पटेल के विरुद्ध धारा 366, 376(2)(n) भारतीय दंड संहिता 1860 एवं धारा 06 लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम (पास्को अधिनियम) अंतर्गत मानिकपुर चौकी के द्वारा अपराध दर्ज कर न्यायालय अपर सेशन न्यायाधीश, F.T.S.C. (POCSO) कोरबा पीठासीन न्यायाधीश  विक्रम प्रताप चन्द्रा के न्यायालय में प्रस्तुत किया। अतुल पटेल के ऊपर यह आरोप लगाया गया था कि उसने अवयस्क पीड़िता को विवाह करने के लिये विवश या विलुब्ध करने के आशय से उसका व्यपहरण कर 18 वर्ष से कम आयु की पीड़िता को बिलासपुर के किराये के मकान में ले जाकर उसके साथ एक से अधिक बार बलात्संग/गुरुतर प्रवेशन लैंगिक हमला कारित किया। दिनांक 03/03/2024 को रात्रि 10.30 घर के सभी लोग खाना खाकर अपने-अपने घरों में सोने चले गये दूसरे दिन दिनांक 04/03/2024 को प्रातः 05:00 बजे जब सोकर उठे तो देखे की घर का मुख्य द्वार खुला है। तथा पीड़िता घर पर नहीं है। आस-पड़ोस रिश्तेदारी में पता करने पर भी कोई जानकारी ना मिलने पर उन्हें शंका हुई कि अतुल पटेल पीड़ित को भगाकर ले गया तब उनके द्वारा उसके विरुद्ध मानिकपुर चौकी में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करवाई। इस पर आरक्षी केंद्र कोतवाली कोरबा में अतुल पटेल के विरुद्ध प्रथम सूचना प्रतिवेदन लेखबद्ध कर अपराध क्रमांक 139/2024 दर्ज कर धारा 366, 376(2)(n) भारतीय दंड संहिता 1860 एवं धारा 06 लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम (पास्को अधिनियम)अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया। इस प्रकरण में अपर सेशन न्यायाधीश, F.T.S.C. (POCSO) कोरबा पीठासीन न्यायाधीश  विक्रम प्रताप चन्द्रा ने दिनांक 20/06/2024 को फैसला सुनते हुये दिनांक 21/03/2024 से लेकर 20/06/2024 तक केवल 02 माह 30 दिन में उसे समस्त अपराधों में बाईज्जत बरी करने का आदेश पारित कर शीघ्रता से न्याय प्रदान किया। इतने कम समय में इतने बडे - बड़े मामलों का निराकरण न्यायालयों के द्वारा किये जाने से न्याय के प्रति आम लोगों की आस्था बढ़ी है।उक्त दोनों मामलों में अभियुक्त की प्रतिरक्षा वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत कुमार धुर्य ने किया।

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