Advertisment

25th June 2026

BREAKING NEWS

प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह विफल- स्वप्निल सिन्हा

हर्षोल्लास के साथ मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव

1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है, जिसे देश कभी नहीं भूल सकता-कृष्ण बिहारी जायसवाल

विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने नशे से दूर रहने और समाज को जागरूक करने का लिया संकल्प

दूरस्थ क्षेत्रों तक चिकित्सा शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना है सरकार का संकल्प: श्याम बिहारी जायसवाल

: घर का आईना भी,अब हक जताने लगा है.... ख़ुद तो वैसा ही है,मेरी उम्र बताने लगा है...!

Admin Fri, Oct 4, 2024

भाजपा के 75 वर्ष से अधिक उम्र के नेताओं को मार्गदर्शन मँडल में भेज दिया था जिसमें लालकृष्ण आडवाणी, मुरलीमनोहर, जोशी प्रमुख थे वहीं तबकी लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन,वरिष्ठ सांसद रहे रमेश बैस को भी 2019 में उम्र के चलते लोस प्रत्याशी नहीं बनाया था।अब पीएम नरेंद्र मोदी 75 साल की उम्र पार कर गये हैँ वहीं नितिन गडकरी,राजनाथ सिंह,जगत प्रकाश नड्डा, हेमामालिनी आदि भी 75 साल के करीब हैं,अब कहा जा रहा है कि 75 साल में सेवानिवृत होने का भाजपा मेँ कोई नियम नहीं है..?तो क्या आडवाणी आदि को पार्टी से निपटाने उस समय जुमला उछाला था...? वैसे बड़े नेताओं ने भाजपा के इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और देश के विकास में उनका योगदान भी रहा है। मप्र के सीएस का भी रहा है छ्ग से रिश्ता... मप्र के मुख्य सचिव बने अनुराग जैन, निवृतमान सीएस वीरा राणा के साथ एक बात कॉमन है कि दोनों अपनेआईएएस प्रशिक्षण काल में एडीशनल कलेक्टर रह चुके हैं।मप्र की मुख्य सचिव वीरा राणा (कभी रायपुर में एडीशनल कले क्टर ) सेवानिवृत्त हो गईं। उनके स्थान वरिष्ठ आईए एस अनुराग जैन को मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। वे पीएमओ में संयुक्त सचिव रह चुके हैं, अनुराग जैन की पहली पोस्टिंग जून 1990 में असिस्टेंट कलेक्टर के तौर पर सागर में हुई। फिर कांकेर (छत्तीस गढ़),छिंदवाड़ा, दुर्ग (छत्तीसगढ़) विभिन्न भूमिकाओं का निर्वहन किया। अपने प्रशिक्षण काल में बस्तर के कांकेर में एडी. कलेक्टर तथा दुर्ग जिला पंचायत में सीइओ भी रह चुके हैं।जुलाई 1997 में पहली बार कलेक्टर के तौर पर मंडला का चार्ज मिला।फिर मंदसौर,भोपाल में कलेक्टर रहे। 2005 में सीएम शिव राज सिंह चौहान के सचिव थे। जैन अगस्त 2025 में सेवानिवृत होंगे। पवन देव भी डीजीपी के दावेदार बने...... छत्तीसगढ़ के दूसरे वरिष्ठ आईपीएस पवनदेव डीजी पदोन्नत हो गये हैं। डीजीपी अशोक जुनेजा के बाद 19 92 बैच के पवनदेव वरिष्ठता में दूसरे नंबर पर हैं।वहीं इनके बाद 1994 बैच के अरुणदेव गौतम, हिमांशु गुप्ता का नंबर आता है। फरवरी 25 में जुनेजा की सेवावृद्धि समाप्त होने के बाद इन तीनों में अगला डीजीपी बन सकता है। कठिन हालात में प्रमोटी आईपीएस का ही सहारा... छग में सीधे आईपीएस अफसरों की बड़ी संख्या है, अधिकांश जिलों में सीधे आईपीएस बने अफसरों की तैनाती भी है पर ज़ब भी स्थिति बिगड़ती है तो प्रमोटी आईपीएस की ही पदस्थापना की जाती है क्यों.? बलौदाबाजार में एक भीड़ ने कलेक्टरए सपी ऑफिस जला दिया,आईपीएस सदानंद स्थिति सम्हाल नहीं सके, उन्हें हटा प्रमोटी आईपीएस विजय अग्रवाल को पदस्थ किया गया और स्थिति लगभग नियंत्रण में हैं। गृहमंत्री विजय शर्मा के गृह जिले कवर्धा में हाल फिलहाल 3 लोगों की मौत के मामले में सीधे आईपी लएस डॉ अभिषेक पल्ल्व को हटा प्रमोटी आईपीएस राजेश अग्रवाल की तैनाती की गई है, वे भी वहाँ की स्थिति सम्हालने प्रयत्नशील हैं,एक आईपीएस प्रशिक्षु एडीशनल एसपी को निलंबित कर दिया गया?कवर्धा जैसे छोटे जिले में वैसे एसपी छोड़ दूसरे आईपीएस की तैनाती की जरूरत नहीं थी पर जोगी कार्यकाल में गृहमंत्री नंदकुमार पटेल के साथ एक एडी• एसपी की तैनाती थी बस उसी तर्ज पर विजय शर्मा ने भी प्रशिक्षु आईपीएस की तैनाती करा ली थी। हालांकि उन एसपी डॉ पल्ल्व को हटाने दबाव भी था पर वे पता नहीं उन्हें क्यों नहीं हटा पा रहे थे.? उनकी जल्दी किसी जिले में एसपी बनाने की चर्चा है?खैर इसी कवर्धा में एक बार झंडा विवाद के चलते आईपीएस मोहित गर्ग को हटा प्रमोटी आईपी एस लाल उम्मेद सिँह की तैनाती की गई थी झंडा विवाद में विजय शर्मा भी आरोपी थे।भूपेश बघेल के कार्यकाल में भी तब के मंत्री टीएस सिंहदेव, विधायक वृहस्पतिसिँह के बीच विवाद चल रहा था, तब भी आईपीएस मोहित गर्ग को हटाकर प्रमोटी आईपीएस उम्मेद सिंह की बलरामपुर में तैनाती की गई थी,सवाल बड़ा है कि बिगड़े हालात में तो प्रमोटी आईपीएस की याद आती है पर पदस्थापना में उनकी जगह सीधे आईपीएस को महत्व दिया जाता है...? डॉ आलोक, टुटेजा केअग्रिम जमानत मामले की जाँच होगी.... छत्तीसगढ़ में हुए नागरिक आपूर्ति निगम(नान) घोटाले के आरोपी पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा,आलोक शुक्ला को अग्रिम जमानत दिये जाने के मामले में हाईकोर्ट के जस्टिस की भूमिका को लेकर सरकार और ईडी ने सवाल उठाया है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस पर लगाये आरोपों की जांच का निर्णय लिया है।आरोप है कि टुटेजा-शुक्ला ने अग्रिम जमानत प्राप्त करने एक हाईकोर्ट जस्टिस को प्रभावित किया?जस्टिस एएस ओका,एजी मसीह की पीठ नेअतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से मामलों में कुछ सबूतों की मांग की। क्या जमानत पाए इन अफ़ सरों ने जमानत का दुरुप योग करते हुए सबूतों से छेड़छाड़ की है? क्या उन्होंने जस्टिस को प्रभावित भी किया....! और अब बस...... 0 आईजी और कुछ एसपी के तबादले में क्यों देरी हो रही है...? 0क्या छ्ग मंत्रिमंडल विस्तार में किसी बड़े मंत्री का विभाग बदलेगा...? 0पहली बार हाईकोर्ट के आदेश पर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ एफआई आर हुई है...?

विज्ञापन

जरूरी खबरें