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2nd October 2026

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स्वच्छता जागरूकता रैली निकालकर दिया स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज का संदेश

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दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में : स्वच्छता की शुरुआत स्वयं से करे,तो निश्चित रूप से एक स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है- पूनम सिंह

Praveen Nishee Fri, Oct 2, 2026

मनेंद्रगढ़। एमसीबी। दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के पावन अवसर पर विद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से स्वच्छता दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय के शिक्षकों ने स्वयं श्रमदान कर स्वच्छता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का अनुकरणीय संदेश प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर शिक्षकों ने विद्यालय के सामने स्थित तालाब की साफ-सफाई की तथा सड़क एवं विद्यालय के आसपास के समस्त क्षेत्र से कचरा, प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाया। विद्यालय के सम्मुख स्थित मार्ग और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए शिक्षकों ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ श्रमदान किया।

स्वच्छता अभियान के दौरान शिक्षकों ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल किसी एक व्यक्ति अथवा संस्था का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

प्राचार्य अश्वनी वर्मा ने इस विशेष अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि गांधीजी का स्वच्छ और स्वस्थ भारत का स्वप्न तभी साकार हो सकता है, जब हम स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न संस्कार बना लें।आज का हमारा यह श्रमदान इसी विचार को व्यवहार में उतारने का एक छोटा-सा प्रयास है। हमारा उद्देश्य केवल विद्यालय के आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ करना नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के मन में यह भावना जागृत करना है कि अपने घर, विद्यालय, सड़क, जलस्रोत और पूरे परिवेश को स्वच्छ रखना हम सभी का नैतिक दायित्व है।

शिक्षकों का यह प्रयास न केवल विद्यालय के आसपास के वातावरण को स्वच्छ बनाने तक सीमित रहा, बल्कि विद्यार्थियों एवं स्थानीय समुदाय के लिए भी एक प्रेरणादायी उदाहरण बना। स्वयं शिक्षक बनकर स्वच्छता कार्य में सहभागी बने और उन्होंने यह सिद्ध किया कि परिवर्तन की शुरुआत स्वयं से करने पर ही समाज में स्थायी परिवर्तन संभव है।

विद्यालय की निदेशिका श्रीमती पूनम सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति स्वच्छता की शुरुआत स्वयं से करे, तो निश्चित रूप से एक स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।”

उन्होंने सभी शिक्षकों के इस सामूहिक प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि वास्तविक शिक्षा वही है, जो पुस्तकों से निकलकर जीवन और समाज में दिखाई दे।

गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित यह स्वच्छता अभियान विद्यालय की सामाजिक प्रतिबद्धता और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता का सशक्त उदाहरण बना।

स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी का यह संदेश विद्यालय की सीमाओं से आगे समाज तक पहुँचे—इसी संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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