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: कवासी लखमा और अमित जोगी का नार्कों टेस्ट किया जाना चाहिए – छबींद्र कर्मा

Admin Thu, May 25, 2023

रायपुर । देश के सबसे बड़े माओवादी हमले में कांग्रेस के बड़े नेता समेत 32 लोग शहीद हुए थे। उस घटना की आज 10 बरसी है। इस हमले में बस्तर टाइगर के नाम से विख्यात महेंद्र कर्मा भी इसमें शहीद हुए थे। इस हमले के 10 वर्ष बीत जाने के बाद महेंद्र कर्मा के बेटे ने बड़ी मांग की है। छबींद्र कर्मा ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर प्रश्न खड़े किए हैं। छबींद्र कर्मा ने कहा कि इस मामले में छत्तीसगढ़ के मंत्री कवासी लखमा और अमित जोगी का नार्कों टेस्ट किया जाना चाहिए कि आखिरकार कवासी लखमा कैसे बच गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेताओं के शहादत के 10 सालों के बाद भी उनके परिजनों को न्याय नहीं मिल पाया है। 25 मई 2013 को सुकमा जिले में परिवर्तन यात्रा सभा कर वापस बस्तर लौट रहे कांग्रेसियों के काफिले पर, दरभा झीरम घाटी में घात लगाए 200 से अधिक नक्सलियों ने हमला बोल दिया था। इस हमले में काफिले पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। जिसमें कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल, बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, कांग्रेसी नेता उदय मुदलियार और जवानों के साथ ही आम आदमी सहित कुल 32 लोग मारे गए थे। इस घटना में कांग्रेस की एक पीढ़ी पूरी तरह से समाप्त हो गई थी।

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