Advertisment

10th October 2026

BREAKING NEWS

सेवा संकल्प अभियान नदी-घाट स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्ति का दिया संदेश, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने की सहभागिता

कभी तो अपने अंदर भी कमियां ढूंढिये साहब.... कब तक झाँकते रहोगे दूसरों के गिरेबान में....

चनवारीडांड स्कूल के बच्चों ने उत्साहपूर्वक लिया हिस्सा, विजेताओं को किया गया पुरस्कृत

टीबी के खिलाफ समय पर जांच, नियमित उपचार और पोषण ही जीत की कुंजी- श्याम बिहारी जायसवाल

हिंद मजदूर सभा के प्रतिनिधि अख्तर जावेद उस्मानी की लगातार पहल के बाद अक्टूबर से LPG फ्यूल अलाउंस की केंद्रीकृत दर लागू

बरसात में तालाब बहने और सरकारी धन की बर्बादी की जताई आशंका : जनदर्शन में दिए आवेदन पर सात माह बाद भी कार्रवाई नहीं, ग्रामीणों ने तालाब निर्माण की जांच की मांग उठाई

Praveen Nishee Tue, Jul 7, 2026

मनेंद्रगढ़। एमसीबी। जनदर्शन में 16 दिसंबर 2025 को प्रस्तुत आवेदन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से ग्राम पंचायत बाही के ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे जनदर्शन व्यवस्था पर उनका विश्वास कमजोर होता जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार ग्राम बाही के ब्यौरा मढ़ाई क्षेत्र में वन विभाग द्वारा तालाब का निर्माण कराया गया है। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं किया गया तथा निर्माण स्थल पर योजना संबंधी कोई सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया।

आवेदन में उल्लेख किया गया है कि उक्त स्थान पर तीन दिशाओं से नाले का पानी आता है। ऐसे में यदि निर्माण कार्य सही तरीके से नहीं किया गया तो वर्षा के दौरान पानी का दबाव एक ओर अधिक पड़ेगा, जिससे तालाब के बांध के क्षतिग्रस्त होने और शासन की राशि के नुकसान की आशंका बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि नाले को आवश्यक चौड़ाई और गहराई देकर विकसित किया जाता तो वर्षभर जल संरक्षण संभव होता और क्षेत्र के किसानों एवं ग्रामीणों को इसका अधिक लाभ मिलता। उनका आरोप है कि वर्तमान निर्माण पद्धति भविष्य में टिकाऊ साबित नहीं होगी।

शिकायतकर्ताओं ने यह भी कहा है कि सामान्यतः तालाब का निर्माण चारों ओर मजबूत मेढ़ बनाकर किया जाता है, जबकि यहां केवल एक ओर मिट्टी डालकर बांध तैयार किया गया है। बरसात में मिट्टी कटने से बांध टूटने और पूरा निर्माण बह जाने की आशंका जताई गई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि वर्षा से पहले निर्माण कार्य की तकनीकी जांच किसी सक्षम अधिकारी से कराई जाए तथा यदि निर्माण में अनियमितता या गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है तो आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि समय रहते जांच और सुधार नहीं होने पर शासन की राशि व्यर्थ होने के साथ-साथ ग्रामीणों को भी इस योजना का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा।

ग्रामीणों ने नव पदस्थ कलेक्टर एमसीबी से इस पर कार्यवाही की मांग की है।

विज्ञापन

जरूरी खबरें