आयुर्वेद दिवस पर एमसीबी में गूंजा स्वस्थ जीवन का संदेश : सेवा संकल्प अभियान” के तहत आयुष स्वास्थ्य शिविर में 800 से अधिक लोगों ने उठाया सेवाओं का लाभ, योग-ध्यान, संतुलित आहार
Praveen Nishee Wed, Sep 23, 2026

मनेंद्रगढ़। एमसीबी। जिले में 11वें आयुर्वेद दिवस एवं “सेवा संकल्प अभियान” के अवसर पर आयुष विभाग द्वारा आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनेन्द्रगढ़ के भगत सिंह चौक में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम एवं विशाल आयुष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस वर्ष आयुर्वेद दिवस की थीम “आयुर्वेद फॉर ए हेल्दी टुमॉरो” यानी “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” रखी गई।
आयोजन में नागरिकों, ग्रामीण जनों, जनप्रतिनिधियों तथा आयुष विभाग के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। शिविर में 800 से अधिक लोगों ने विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं एवं जागरूकता गतिविधियों का लाभ उठाया। इनमें 430 लोगों ने आयुर्वेद चिकित्सा परामर्श, 110 लोगों ने होम्योपैथी चिकित्सा परामर्श लिया, जबकि 240 लोगों को इम्युनिटी काढ़ा वितरित किया गयज्ञं कार्यक्रम का उद्देश्य आयुर्वेद को केवल उपचार की पद्धति तक सीमित न रखते हुए स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली से जोड़ना रहा। नागरिकों को संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या, योग, ध्यान, पर्याप्त विश्राम, सकारात्मक सोच तथा प्रकृति के अनुरूप जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
भगवान धन्वंतरि के पूजन और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा यादव उपाध्याय धर्मेंद्र पटवा सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भगवान धन्वंतरि के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के महत्व को समझते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उपचार के साथ बचाव और स्वस्थ जीवन की दी गई सीख
विशाल आयुष स्वास्थ्य शिविर में आयुर्वेद एवं होम्योपैथी चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। चिकित्सकों ने नागरिकों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को सुनकर आवश्यक परामर्श दिया तथा जरूरत के अनुसार निःशुल्क औषधियों का वितरण किया।
शिविर में 430 लोगों ने आयुर्वेद चिकित्सा तथा 110 लोगों ने होम्योपैथी चिकित्सा परामर्श प्राप्त किया। वहीं 240 लोगों को इम्युनिटी काढ़ा प्रदान किया गया। चिकित्सकों ने उपचार के साथ रोगों से बचाव, संतुलित खान-पान, नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, शारीरिक गतिविधि और मानसिक तनाव को नियंत्रित रखने के संबंध में भी आवश्यक जानकारी दी।
कार्यक्रम की विशेष गतिविधियों में नागरिकों को अपनी आयुर्वेद प्रकृति जानने का अवसर मिला। विशेषज्ञों ने बताया कि व्यक्ति की शारीरिक आवश्यकताओं के अनुसार खान-पान एवं दिनचर्या में संतुलन बनाए रखना स्वस्थ जीवनशैली के लिए उपयोगी हो सकता है। नागरिकों को दैनिक जीवन की छोटी-छोटी आदतों में सकारात्मक बदलाव लाने और स्वास्थ्य के प्रति निरंतर सजग रहने के उपाय भी बताए गए।
“रसोई घर से स्वास्थ्य” ने बताया स्वस्थ जीवन का आसान मंत्र
शिविर में “रसोई घर से स्वास्थ्य” की अवधारणा भी आकर्षण का केंद्र रही। नागरिकों को बताया गया कि घर की रसोई में उपलब्ध अनेक खाद्य पदार्थ और प्राकृतिक संसाधन संतुलित एवं स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में उपयोगी हो सकते हैं। मौसमी खाद्य पदार्थों के उपयोग, संतुलित भोजन और उचित खानपान की आदतों के संबंध में भी जानकारी दी गई।
नागरिकों को संदेश दिया गया कि स्वस्थ रहने के लिए हमेशा महंगे संसाधनों की आवश्यकता नहीं होती। संतुलित भोजन, नियमित दिनचर्या, योग, व्यायाम और पर्याप्त विश्राम जैसी सरल आदतों को अपनाकर भी स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
योग-ध्यान से तनाव प्रबंधन और स्वस्थ दिनचर्या का संदेश
कार्यक्रम में योग एवं ध्यान के महत्व पर भी विशेष जोर दिया गया। नागरिकों को नियमित योग, शारीरिक गतिविधि, ध्यान और सकारात्मक सोच को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सहित सभी आयु वर्ग के लोगों को अपनी क्षमता एवं आवश्यकता के अनुसार स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम स्थल पर आयुष विभाग द्वारा लगाया गया सेल्फी स्टैंड भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। आयुर्वेद दिवस की थीम एवं स्वास्थ्य जागरूकता संदेश से सुसज्जित सेल्फी स्टैंड पर बच्चों और युवाओं सहित नागरिकों ने उत्साहपूर्वक तस्वीरें खिंचवाईं।
जनप्रतिनिधियों ने आयुर्वेद को दैनिक जीवन से जोड़ने पर दिया जोर
नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा यादव ने कहा कि आयुर्वेद हमारी प्राचीन एवं समृद्ध चिकित्सा पद्धति होने के साथ स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण आधार है। बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतों के बीच प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की आवश्यकता है। आयुर्वेद एवं योग को दैनिक जीवन में अपनाकर स्वस्थ जीवन की दिशा में सकारात्मक कदम उठाया जा सकता है।
नगर पालिका उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र पटवा ने कहा कि आयुर्वेद केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की समग्र पद्धति है। संतुलित आहार, योग, ध्यान और व्यवस्थित दिनचर्या को अपनाकर व्यक्ति अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रह सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर आम नागरिकों तक चिकित्सा सेवाओं के साथ स्वास्थ्य जागरूकता पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं।
उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि एमसीबी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं बेहतर उपचार की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। आयुष विभाग के माध्यम से आयुर्वेद एवं होम्योपैथी जैसी चिकित्सा पद्धतियों की सेवाएं भी नागरिकों तक पहुंचाई जा रही हैं।
वहीं सरजू यादव ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन एवं समृद्ध चिकित्सा परंपरा है, जिसका उद्देश्य केवल रोग का उपचार करना ही नहीं, बल्कि व्यक्ति को स्वस्थ बनाए रखना भी है। वर्तमान समय में प्राकृतिक जीवनशैली और आयुर्वेदिक पद्धतियों की उपयोगिता को समझते हुए लोगों को योग, संतुलित आहार और व्यवस्थित दिनचर्या अपनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. पूर्णिमा सिंह ने 11वें आयुर्वेद दिवस एवं “सेवा संकल्प अभियान” के अवसर पर कहा कि आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार की पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का समग्र मार्ग है। नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार, योग, प्राणायाम एवं ध्यान को जीवन में शामिल कर अनेक स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद का उद्देश्य व्यक्ति को निरोग रखने के साथ-साथ शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ बनाना है। लोगों को अपनी दिनचर्या में आयुर्वेदिक जीवनशैली को अपनाने तथा प्राकृतिक एवं पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियों के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है। “सेवा संकल्प अभियान” के माध्यम से आयुर्वेद की उपयोगिता और जनस्वास्थ्य में इसकी भूमिका को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
आयुर्वेद दिवस ने दिया स्वस्थ भविष्य का संदेश
आयोजन के माध्यम से नागरिकों को संदेश दिया गया कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता केवल बीमारी के समय तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। स्वस्थ रहने की आदतों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर बेहतर जीवनशैली की ओर बढ़ा जा सकता है। आयुर्वेद की पारंपरिक ज्ञान प्रणाली और वर्तमान समय की स्वास्थ्य आवश्यकताओं के बीच समन्वय स्थापित करते हुए नागरिकों को संतुलित, प्राकृतिक एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ.पूर्णिमा सिंह,डॉ. तेजकांत सोनकर, होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. भूपाल प्रसाद मंजारे, डॉ. विशाल कुमार अहिरवार, डॉ. विवेक कुमार द्विवेदी, डॉ. किशोर शर्मा, डॉ. राजकुमार साकेत, डॉ. अर्चना वर्मा, आयुष चिकित्सक डॉ. मानसी अग्रवाल, डॉ. अंजली त्रिपाठी, डॉ. मेघा, फार्मासिस्ट (होम्योपैथी) महेन्द्र बड़ाईक, मुकेश सिंह, राजकुमार साहू, कुलदीप तिवारी, प्रेम यादव, गेंद कंवर एवं डा. ओम सिंह कंवर सहित आयुष विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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