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25th August 2026

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कलेक्टर के निर्देश पर औचक निरीक्षण, दवाओं की उपलब्धता, सफाई और स्टाफ की उपस्थिति जांची

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220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में अचानक पहुंचा प्रशासन : कलेक्टर के निर्देश पर औचक निरीक्षण, दवाओं की उपलब्धता, सफाई और स्टाफ की उपस्थिति जांची

Praveen Nishee Mon, Aug 24, 2026

मनेंद्रगढ़। एमसीबी। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और अस्पतालों की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। इसी क्रम में कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े के निर्देशानुसार प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर स्वप्निल वर्मा एवं सुश्री नेहा खलखो ने जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ स्थित 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों के अचानक अस्पताल पहुंचने से प्रशासनिक हलचल बढ़ गई। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति परखी गई और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, ओपीडी एवं इमरजेंसी सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने डॉक्टरों एवं अस्पताल स्टाफ से मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक मरीज को समय पर उपचार मिले और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

मरीजों से आमने-सामने बातचीत कर लिया फीडबैक

निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारी जनरल वार्ड एवं महिला वार्ड पहुंचे और भर्ती मरीजों तथा उनके परिजनों से सीधे बातचीत की। अधिकारियों ने अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं, डॉक्टरों द्वारा समय पर जांच एवं उपचार, दवाइयों की उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में मरीजों से फीडबैक लिया।

मरीजों से मिली जानकारी के आधार पर अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया गया कि शासन की योजनाओं के तहत उपलब्ध दवाइयां मरीजों को अस्पताल से ही उपलब्ध कराई जाएं। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर से दवा खरीदने की स्थिति निर्मित न हो।

सफाई व्यवस्था और कर्मचारियों की उपस्थिति पर भी नजर

अधिकारियों ने अस्पताल परिसर, विभिन्न वार्डों एवं शौचालयों में साफ-सफाई की स्थिति का निरीक्षण किया। बायोमेडिकल कचरे का नियमानुसार उचित निपटान करने तथा अस्पताल में नियमित स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

इसके साथ ही डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ की उपस्थिति पंजी की भी जांच की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ड्यूटी के दौरान समयबद्धता, अनुशासन और जिम्मेदारी में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

दवा स्टॉक और पैथोलॉजी लैब का भी लिया जायजा

निरीक्षण दल ने अस्पताल के दवा भंडारण कक्ष का जायजा लेकर जीवन रक्षक दवाइयों की उपलब्धता, दवाओं के स्टॉक और उनकी वैधता की जानकारी ली। एक्सपायरी डेट की दवाइयों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने तथा दवाओं का सुरक्षित एवं व्यवस्थित भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

पैथोलॉजी लैब के निरीक्षण के दौरान जांच सुविधाओं एवं उपकरणों की स्थिति की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने आवश्यक जांच सुविधाएं मरीजों को अस्पताल में ही उपलब्ध कराने तथा जांच उपकरणों को चालू हालत में रखने पर जोर दिया, ताकि दूर-दराज से आने वाले मरीजों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार के साथ मरीजों एवं उनके परिजनों के प्रति संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिला अस्पताल में आने वाले गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को बेहतर उपचार, आवश्यक दवाइयां और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।

कलेक्टर के निर्देश पर किए गए इस औचक निरीक्षण से प्रशासन ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी गंभीरता और सख्त निगरानी का संदेश दिया है। अधिकारियों ने संकेत दिया कि स्वास्थ्य संस्थानों की व्यवस्था की जमीनी स्थिति परखने के लिए आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेगा तथा लापरवाही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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