वरिष्ठ पत्रकार शंकर पांडे की कलम से..*(कॉलम 21 सालों से लगातार) : नदी ने धूप से क्या कह दिया रवानी में..... उजाले पांव पटकने लगे हैं पानी में.....
Praveen Nishee Fri, Oct 23, 2026
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की स्थापना को 26 साल पूरे होने को है। लंबे अरसे बाद भी केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) का गठन नहीं हो पाया है।अभी भी जबलपुर दौड़ लगानी पड़ती है।स्थिति है,सर्किट कोर्ट 2 महीने में एक सप्ताह के लिए बिलासपुर में बैठती है।एक वर्ष में मात्र पांच बार।आवेदनों में अगर गलती हो जाए तो जबलपुर तक 250 कि मी दूर जाना पड़ता है। सीनियर लायर फोरम बिलासपुर की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र - राज्य सरकार से उत्तर मांगा है।चीफ जस्टिस कृष्न राम महापात्र, न्यायमूर्ति संतोष शर्मा की युगल पीठ ने केंद्र सरकार को तीन सप्ताह के भीतर सक्षम अधिकारी का शपथपत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। छ्ग सरकार से भी स्थायी पीठ स्थापित करने की दिशा में उठाए कदमों की जानकारी लेने को कहा गया है।याचिका कर्ता की ओर से अधिवक्ता बीपी राव ने अदालत को बताया,जबलपुर स्थित कैट की प्रधान पीठ की सर्किट पीठ बिलासपुर में 2 महीने में एक सप्ताह बैठती है। व्यवस्था साल में5 बार चलती है।इसके कारण पक्षकारों को आवेदन जमा करने, त्रुटियां दूर कराने कार्यालयीन प्रक्रि याओं के लिए जबलपुर जाना पड़ता है। प्रकरण तैयार होने के बाद आनलाइन सुनवाई होती है। इससे पक्षकारों कोसमय संसाधन खर्च करने पड़ते हैं। याचिका में बताया गया, बिलासपुर में कैट भवन बनाने जमीन आवंटित हो चुकी है, अभी सर्किटपीठ जिला उपभोक्ता फोरम में एक छोटे कमरे में संचालित हो रही है।सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से उप सालिसिटर जनरल रामाकांत मिश्रा ने मामले में जानकारी जुटाने सक्षम अधिकारी का हलफनामा पेश करने के लिये समय मांगा। अदालत ने तीन सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने कहा है। छ्ग शासन, विशेष कर बिलासपुर में, कैट की स्थायी पीठ स्थापित करने के संबंध में जान कारी लेने निर्देश दिया गया है। फिलहाल हाई कोर्ट ने स्थायी पीठ स्था पित करने का अंतिम आदेश नहीं दिया है।केंद्र राज्य सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है।
कोंडागांव: रावण
का वध और अमृत...
आदिवासी अंचल कोंडागांव जिले (विशेष कर हिर्री, भूमका और बांस कोट गांवों) में विजया दशमी के अवसर पर रावण पुतला दहन नहीं किया जाता,अनूठी परंपरा के तहत ही प्रतीकात्मक रावणवध किया जाता है। पुतले जलाने के बजाय मिट्टी का ही विशाल रावण तैयार किया जाता है। 3 दिवसीय दशहरा उत्सव के दौरान रामलीला का मंचन होता है,अंत में तीर/बाण चला कर या विधि-विधान से रावण का वध किया जाता है, वध के बाद रावण की नाभि से 'अमृत' निकालने की रस्म निभाई भी जाती है(पौराणिक कथा के अनुसार,रावण की नाभि में अमृत (अमृत कुंड) होने का रहस्य उसकी अमरता और युद्ध के दौरान उसकी बार-बार पुनर्जीवित होने की शक्ति से जुड़ा है ) भूमका में रावण नहीं जलता,वध किया जाता है।नाभि से निकलता है 'अमृत' और ग्रामीण उस स्थान पर आस्था व्यक्त करते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है रावण का पुतला जलाने सेअनिष्ट हो सकता है, इसलिये सदियों पुरानी लोक- संस्कृति व परंपरा का पालन किया जाता है।
राष्ट्रपति नहीं पर
"नाम " राष्ट्रपति ....!
छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ -चिरमिरी-भरतपुर जिले के घुटरा गांव निवासी एक व्यक्ति का नाम ही स्कूल के रिकॉर्ड (14 जुलाई 1988 ) के अनुसार 'राष्ट्रपति' दर्ज है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के मनेंद्रगढ़ शहर अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने मामले में राष्ट्रपति सचिवालय,पीएमओ में भी सूचना दी है।राष्ट्रपति सचिवालय ने इस पर संज्ञान लेते हुए संबंधित केंद्रीय विभागों, गृह मंत्रालय को भेज दिया है, इसमें मांग की गई है,भविष्य में किसी तरह का असमंजस या संवैधानिक पदों का मज़ाक न बने, इसके लिए संवैधानिक पदों राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े शब्दों को किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत नाम केरूप में रखने पर रोक लगाने स्पष्टकानून/नीति बनाई जानी चाहिए,इस मामले में गृह मंत्रालय संबंधित विभागों के रुख उनके निर्णय पर सबकी निगाहें टिकी हैं।केंद्र सरकार विचार कर सकती है, क्या नामकरण या पह चान से जुड़े नियमों में कोई संशोधन या दिशा निर्देश जारी करने की आवश्यकता है!
अजगर के कैंसर
की सफल सर्जरी....
छत्तीसगढ़ से चौंकाने वाली खबर आई है।यहां अजगर के कैंसर का सफल इलाज किया गया जानकारी के अनुसार, अंबिकापुर में 8.5 किलो के इंडियन रॉक पाइथन का रेस्क्यू किया गया, रेस्क्यू स्नेकमैन सत्यम द्विवेदी ने किया,लेकिन रेस्क्यू के बाद अजगर की जांच की गई तो डॉक्टर हैरान रह गए।अजगर के मुंह के अंदर एक बड़ी गांठ मिली, जिसे कैंसर का ट्यूमर बताया गया। बेजुबान जीव दर्द से तड़प रहा था,उसकी तकलीफ डॉक्टरों ने समझा, सांप को बचाने अंबि कापुर- बिलासपुर तक सफर तय किया गया। स्नेक मैन सत्यम खुद अजगर को ले बिलासपुर पहुंचे, अजगर की जांच कानन पेंडारी में की गई,फिर डॉक्टर पीयूष दुबे की टीम ने करीब साढ़े तीन घंटे चले बेहद मुश्किल ऑपरेशन में डॉक्टरों ने अजगर के मुंह से कैंसर का ट्यूमर निकाला,ऑपरेशन बड़ा नाजुक था, छोटी सी चूक अजगर की जान भी ले सकती थी, डॉक्टरों की टीम ने हिम्मत, संवेदनशीलता से सर्जरी को सफल बनाया, सर्जरी के बाद अजगर को ड्रिप,विशेष देखभाल में रखा गया है।
और अब बस...
0 बस्तर के ही मुरिया दरबार में पिछले साल गृहमंत्री अमित शाह आये थे तो इस बार राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू...
0 विजयादशमी पुलिस शास्त्र पूजा में दुर्ग के एसएसपी विजय अग्रवाल का वर्दी में एसएलआर और राज नांदगाव एसपी अंकिता शर्मा का साड़ी पहनकर एके 47 चलना चर्चा में है।
0भिलाई स्टील प्लांट को बेचे जाने की अटकलों के बीच इस्पात मंत्रालय ने हैंडल X पर पोस्ट कर उन खबरों में किये गये दावों को गलत बताया है।
0 छत्तीसगढ़ भाजपा की प्रभारी स्मृति ईरानी के रायपुर दौरे से पहले मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों को हिदायत दी है कि वे इंटरनेट मीडिया पर व्यक्तिगत प्रचार के बजाय केंद्र, राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करें।
23 अक्टूबर 2026
*{शंकर पांडे (वरिष्ठ पत्रकार) ऍमए,बीएस. सी,एलएल.बी, बीजे (पत्रकारिता) हैं। अवि भाजित मप्र से छत्तीस गढ़ में पिछले 46 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैँ, पत्रकारिता के साथ ही अपने "छत्तीसगढ़" पर 6 पुस्तकें भी लिख चुके हैं, प्रिंट सहित इलेक्ट्रानिक मिडिया में कार्य किया है।इनकी रूचि राजनीति इतिहास,क्राइम,संस्कृति लेखन है।
*{आइना-ए- छत्तीसगढ़ कॉलम 21 सालों से लगातार }
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