आयुर्वेद दिवस पर विशेष योग एवं ध्यान सत्र का आयोजन : आयुर्वेदिक चिकित्सा के साथ यदि दैनिक दिनचर्या में योग एवं प्राणायाम को शामिल किया जाए- डॉ. निशांत अग्रवाल
Praveen Nishee Thu, Sep 24, 2026
मनेंद्रगढ़। एमसीबी। 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर मनेंद्रगढ़ योग समिति द्वारा विशेष योग एवं ध्यान सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला आयुष अधिकारी डॉ. निशांत अग्रवाल, डॉ. संदीप चंदेल, वरिष्ठ योग साधक एम.एल. श्रीवास्तव एवं जिला योग प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय ने आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा पद्धति, योग एवं ध्यान के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के प्रारंभ में गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र, संकल्प मंत्र एवं प्रार्थना मंत्र के साथ सहज व्यायाम कराया गया। इसके पश्चात योग एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया।
योग सत्र का संचालन वरिष्ठ योग प्रशिक्षक द्वारा किया गया। डॉ. संदीप चंदेल ने आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा की जानकारी देते हुए कहा कि भारत में औषधीय पौधों एवं जड़ी-बूटियों के ज्ञान की परंपरा वैदिक काल से चली आ रही है। ऋषि-मुनि आश्रमों एवं गुरुकुलों में रहकर औषधीय वनस्पतियों का अध्ययन, अनुसंधान एवं उपयोग करते थे।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. निशांत अग्रवाल ने कहा कि आयुर्वेदिक चिकित्सा के साथ यदि दैनिक दिनचर्या में योग एवं प्राणायाम को शामिल किया जाए, तो स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने नियमित योग, प्राणायाम और संतुलित दिनचर्या अपनाने पर जोर दिया।
अखिल भारतीय योग महासंघ की जिला प्रभारी श्रीमती नीलू सिंह ने दैनिक जीवन में योग एवं प्राणायाम के महत्व की जानकारी दी। वरिष्ठ योग साधक मुन्नालाल श्रीवास्तव ने योग के विभिन्न पक्षों एवं उसके नियमित अभ्यास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार रखे।
आयुर्वेद दिवस के योग सत्र में वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण निशी, भैरव केशरवानी, अर्चना अग्रवाल, पिंकी सलूजा, कृष्णकांत ताम्रकार, अर्चना सेजपाल, विनय कुमार झा, विवेक कुमार तिवारी, रोशन जहां, पवन कुमार पोद्दार, राकेश अग्रवाल, विमला यादव सहित अन्य योग साधक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. संदीप चंदेल ने किया। कार्यक्रम में विवेक कुमार तिवारी, नीलू सिंह एवं भैरव केशरवानी का विशेष सहयोग रहा।

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